मुंबई: 90 के दशक का सुपरहिट शो ‘शक्तिमान’ आज भी दर्शकों की यादों में जिंदा है। इस शो के किरदारों ने बच्चों से लेकर बड़ों तक के दिलों में खास जगह बनाई थी। शक्तिमान, गंगाधर और तमराज किल्विश के अलावा एक ऐसा किरदार भी था, जिसने अपने रहस्यमयी अंदाज से लोगों को खूब डराया और आकर्षित किया। यह किरदार था ‘शलाका’ यानी काली बिल्ली का, जो हमेशा शक्तिमान की राह में मुश्किलें खड़ी करती नजर आती थी।
उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इस नकाब के पीछे छिपी अभिनेत्री आगे चलकर टीवी और बॉलीवुड की बड़ी और सम्मानित कलाकारों में गिनी जाएंगी। यह किरदार अभिनेत्री अश्विनी कालसेकर ने निभाया था।
‘शक्तिमान’ से शुरू हुआ लंबा और सफल सफर
अश्विनी कालसेकर ने अपने करियर की शुरुआत भले ही एक रहस्यमयी किरदार से की हो, लेकिन बाद में उन्होंने अभिनय की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली। टीवी शो ‘सीआईडी’ में इंस्पेक्टर आशा के रोल ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।
इसके बाद एकता कपूर के चर्चित शो ‘कसम से’ में ‘जिज्ञासा वालिया’ के नकारात्मक किरदार में उनकी एक्टिंग को खूब सराहा गया। छोटे पर्दे पर सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने फिल्मों की दुनिया में भी शानदार पहचान बनाई।
रोहित शेट्टी की ‘गोलमाल’ सीरीज में उनकी कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों को खूब हंसाया। वहीं ‘सिंघम’, ‘ऑल द बेस्ट’, ‘अंधाधुन’, ‘मेरी क्रिसमस’, ‘बबली बाउंसर’ और ‘लक्ष्मी’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपने अभिनय का दम दिखाया।
करीब 28 साल लंबे करियर के बाद भी अश्विनी आज इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और अपनी दमदार मौजूदगी बनाए हुए हैं।
पहली शादी नहीं चल सकी
अश्विनी कालसेकर की निजी जिंदगी भी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। उन्होंने पहली शादी अभिनेता नीतेश पांडे से की थी। दोनों ने अपने रिश्ते की शुरुआत बड़े सपनों के साथ की थी, लेकिन समय के साथ उनके बीच मतभेद बढ़ते चले गए।
काफी कोशिशों के बावजूद रिश्ता नहीं संभल सका और शादी के चार साल बाद दोनों अलग हो गए। बाद में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। बता दें कि नीतेश पांडे अब इस दुनिया में नहीं हैं।
मुरली शर्मा से मिली जिंदगी को नई शुरुआत
पहली शादी टूटने के बाद अश्विनी की जिंदगी में अभिनेता मुरली शर्मा आए। दोनों ने शादी की और इंडस्ट्री के सबसे मजबूत और समझदार कपल्स में गिने जाने लगे।
मुरली शर्मा फिल्मों में अपने दमदार विलेन और सहायक किरदारों के लिए जाने जाते हैं। दोनों की बॉन्डिंग हमेशा चर्चा में रही, लेकिन इस रिश्ते में भी एक अधूरापन बना रहा।
गंभीर बीमारी बनी मां बनने में बाधा
अश्विनी कालसेकर को किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी थी। डॉक्टरों ने उन्हें गर्भधारण न करने की सलाह दी थी, क्योंकि इससे उनकी और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता था।
उस समय सरोगेसी जैसी सुविधाएं भी आम नहीं थीं और आर्थिक संसाधन भी सीमित थे। ऐसे में तमाम कोशिशों के बावजूद यह कपल माता-पिता नहीं बन सका।
हालांकि इस दर्द को दोनों ने कभी अपने रिश्ते पर हावी नहीं होने दिया और हमेशा एक-दूसरे का मजबूत सहारा बने रहे।
